जेएनयू जो भारत में पहली सूची में आने वाले विश्वविद्यालय के लिये जाना जाता है वहां छात्रों को भोजन की समस्या से जूझना पड़ रहा है..यहां के मेस मे छात्रों को कच्ची रोटियां तक खानी पड़ रही है..और इसी तरह की परेशानियों है जो छात्रो को आय दिन सहनी पड़ रही है...भारत के दूर वर्ती क्षेत्र से आये छात्र रामेन्द्र सिंह जो पूर्वांचल होस्टल में रहते है कहते है मेस में खाना तो सस्ता तो है लेकिन खाना कच्चा ही परोसा जाता है साथ ही मेस के किचन में काफी गन्दगी रहती है जो बीमारियों को न्योता देती है....इसी हॉस्टल के अन्जनी सिंह कहते है कि खाना बाहर भी खाया जा सकता है लेकिन इसके लिये काफी दूर जाना पड़ता है और रोज रोज इतने पैसे खर्च भी नहीं किया जा सकते.यह केवल एक ही हॉस्टल की कहानी नहीं है सभी का यही हाल है.गंगा,झेलम,ताप्ती,,कावेरी,गोदावरी छात्रावासों में यही हाल है...कभी जेएनयू के छात्रावास अपनी उच्च सेवाओं के लिये जाने जाते थे लेकिन आज की स्थिति कुछ और ही बयां करती है.
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